उलझन

💔

उलझन सी होती है ख़्यालों में लेकिन 

उलझनो से निकलने को दिल चाहता भी नहीं 

शायद जो मेरा मन जानता है वो दिल मानता नहीं 


ना जाने इन दोनो को जोड़े हुए वो धागा टूटता क्यूँ नहीं   

💔

~poetessworld62 

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