पिंजरे का पंछी
दिखने का मैं बहुत सुंदर हूँ दाने की कमी नहीं , काफ़ी अमीर हूँ सबका चहीता हूँ पर क्या करूँ , पिंजरे का पंछी हूँ इंसानों की भाषा जानता हूँ हुनरमंद तो बहुत हूँ पंख हैं पर उड़ने को बेबस हूँ क्या करूँ , पिंजरे का पंछी हूँ सपने मेरे खुली हवाओं में मंज़िल दूर आकाश में आवारा परिंदे उड़ते देखता हूँ मिलने को उनसे तरसता हूँ पर क्या करूँ पिंजरे का पंछी हूँ घर ले जाने को बेताब हैं लोग मुझे शायद बहुत मूल्यवान हूँ आकाश में परिंदों ...