बिन तेरे कैसी होली
बिन तेरे कैसी होली
रंगना था जिसके रंग से उसकी यादों में रंगी हूँ
सबके साथ हंस ज़रूर लेती हूँ
जब रूह में तुझे महसूस कर लेती हूँ
रंग पंचमी सबके लिए आज आयी है
मेरे लिए तो रंग तेरी सुध का लायी है
दूर बैठी देती हूँ आलिंगन तुझको
होली का त्योहार मुबारक हो मुझको
~poetessworld62

Comments
Post a Comment